तू साथ है ये भरोसा ही काफी है मेरे जीने के लिए,
पर तू पास होती तो जिंदगी शायद और भी खुबसूरत होती,
तेरी यादो का साथ ही काफी है हर गम भुलाने क लिए,
पर तू संग होती तो जिंदगी शायद और भी हसीन होती,
तेरी हँसी की एक झलक ही काफी है मेरे मुस्कुराने के लिए,
पर साथ हँसते हम दोनों तो जिंदगी शायद और भी रंगीन होती,
तेरी पायल की झंकार ही काफी है मेरे ह्रदय संगीत के लिए,
पर साथ अगर तू भी गाये तो जिंदगी शायद और भी सुरमई होती,
य़ू तो हर ख्वाइश पूरी हुई है मेरी,
पर तुम मेरे होते तो शायद जिंदगी से और कोई ख्वाइश ना रहती,
गौरव मणि खनाल
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